दूसरी कक्षाओं से आठवीं कक्षाओं का नाट्य कला कालांश
सर्वप्रथम सभी छात्रों को एकत्र करके नाट्य कला का परिचय देते हुए व्यक्तिगत रूप से स्वपरिचय करवा गया ।तत्पश्चात सभी कक्षाओं के छात्रों का समूह बनाकर भिन्न-भिन्न प्रकार की -अलग भूमिका निभाने को दी गई।